बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट कर उन्हें घर से निकालने के मामले में एसडीएम कोर्ट सुजानपुर ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने तीन बेटों और एक बहू को 30 दिन के भीतर पैतृक मकान और दुकानें खाली करने के आदेश दिए हैं। साथ ही पुलिस को भी बुजुर्ग को सुरक्षा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। जंगल बैरी पंचायत के गांव कुडाना निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा

कोर्ट ने आरोपियों को यह भी आदेश दिए हैं कि वे बुजुर्ग के शांतिपूर्ण जीवन में किसी भी प्रकार की बाधा न डालें और न ही उन्हें धमकाएं और गाली दें या प्रताड़ित करें। याचिका में बुजुर्ग ने बताया कि उनके बेटों और बहू ने उन्हें उनके ही मकान से जबरन वेदखल कर दिया और उनके नाम पर बने मकान और दुकानों पर कब्जा कर लिया। इसके बाद वह वैरी गांव में एक छोटे से कमरे में बिना किसी बुनियादी सुविधा के रहने को मजबूर हो गए।

बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट मामले में एसडीएम कोर्ट ने फैंसला सुनाया है। 14 सितंबर 2025 को एक बेटे और बहू ने लोहे की रॉड से उन पर हमला किया था। यह आरोपी पहले भी कई मामलों में सलिप्त है।

बहू और बेटे ने रॉड से किया हमला

बुजुर्ग ने कोर्ट को बताया कि पिछले डेढ़ साल से तीन बेटे और एक बहू उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। 14 सितंबर 2025 को एक बेटे और बहू ने लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में उनके पैर में फ्रेक्चर हो गया, हाथ टूट गया और सिर पर गहरी चोट आ गई। उन्हें मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में भर्ती करवाया गया, जहां उनका उपचार अब भी जारी है। इसके अलावा मारपीट में आई चोटों की तस्वीरें भी अदालत में पेश की गईं। अदालत को यह भी बताया गया कि आरोपियों के खिलाफ पहले से तीन आपराधिक मामले लंबित हैं।

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